बाहर से लौटे अब तक 651 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले, यह राज्य का 49 प्रतिशत

बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने का रफ्तार लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन जब से प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला शुरु हुआ तो जैस इस रफ्तार में पंख लग गए। बिहार में अभी तक कुल 651 प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यह राज्य के कुल...

बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने का रफ्तार लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन जब से प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला शुरु हुआ तो जैस इस रफ्तार में पंख लग गए। बिहार में अभी तक कुल 651 प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यह राज्य के कुल संक्रमित मरीज 1326 का 49 प्रतिशत है।

अब तक कुल 11 हजार 800 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें 8 हजार 337 की रिपोर्ट आ चुकी है। 651 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और 7646 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 3463 लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है।

सर्वाधिक दिल्ली, दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार संक्रमित प्रवासियों में सबसे ज्यादा दिल्ली से आने 218 संक्रमित हैं। यह संक्रमित प्रवासियों का 26 फीसदी है। दिल्ली से आए कुल 1362 लोगों की जांच हुई है। इसके बाद महाराष्ट्र से लौटे 141 और गुजरात से लौटे 139 लोग संक्रमित हैं।

राज्य सैंपल जांच पॉजिटिव केस
दिल्ली 835 218
पश्चिम बंगाल 265 33
महाराष्ट्र 1283 141
हरियाणा 390 36
गुजरात 2045 139
छत्तीसगढ़ 50 3
मध्य प्रदेश 94 5
चंडीगढ़ 40 2
राजस्थान 430 16
तमिलनाडु 57 2
झारखंड 98 3
उत्तर प्रदेश 704 21
कर्नाटक 203 6
पंजाब 157 3
केरल 219 4
तेलंगाना 367 6

राहत: 13 राज्यों से लौटे लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं
राहत की बात ये है कि 13 राज्यों से लौटे लोगों में अब तक एक भी केस पॉजिटिव नहीं आया है। आंध्र प्रदेश से लौटे 202 लोगों में से 128 की रिपोर्ट आ चुकी है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, दादर नगर हवेली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और उत्तराखंड से लौटे लोगों की भी रिपोर्ट निगेटिव आई है।

प्रवासी मजदूरों की लगातार की जा रही है स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों की वापसी को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। लगातार उनके डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। क्वारैंटाइन सेंटर में प्रवासियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अगर किसी में भी संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो तुरंत उनका सैंपल लेकर जांच की जाती है।