आपके पैसे नोट और मोबाइल भी हो सकते है कोरोना के आशियाने

note, rupye, mobile , corona

आपके पैसे नोट और मोबाइल भी  हो सकते है कोरोना  के आशियाने

t4unews :कोरोना वायरस की संदिग्धता  और गंभीरता पर बहुत ज्यादा यकीन करने वालों को अभी तक  यह नहीं मालूम चला होगा  कि  संक्रमित अगर कोई चीज  सबसे ज्यादा होती है तो वह है हमारे द्वारा गिना  जाने वाला और पर्स में बड़े सहेज कर रखा जाने वाला वह नोट,  करेंसी जो कई अनाम हाथो  हाथों से गुजरता हुआ हमारे जेब और पर्स  के माध्यम से हमारे पास आ जाता है ।  कहते हैं धन का  परिमार्जन करने के बाद उसने किसी प्रकार का कोई दोष नहीं होता पर यहाँ ये बात सही नही हो सकती है  । जिन  जिन हाथों से नोट गुजरता हुआ हम तक आता है  हमने उस नोट को मैक्रोस्कोपिक टेलीस्कोप लेंस से देखने पर पता चलेगा  कि उस नोट पर कितने प्रकार के निशान अपशिष्ट  और बेक्टीरिया रहते हैं ।  क्या पता जिस व्यक्ति ने नोट में गिन के दिया है क्या उसमें अपने हाथ ढंग से हाथ साफ किए थेया नही ?  क्या शौन्च कर  टॉयलेट से आने के बाद अन्य प्रकार की विशिष्ट चीजें  सूखने के बाद या उसने उन हाथों से नोट को गिनते समय क्या नोट को कभी हांथो को सेनिटाइस   किया होगा नहीं ? और हम  फेरी वाले चाट वाले सब्जी वाले से बहुत ही सहज तरीके से उनके द्वारा दिए गए नोट को सब्जी या अन्य प्रकार की कई चीजें खरीदने के बाद बहुत ही सावधानी से सहेज कर अपने दिल से लगा कर अपने पर्स में रखते हैं । यह बेक्टीरिया और बीमारी  नोट के माध्यम से हमारे घर तक हमारे आसपास तक आने में  कोरोना  भी कोई परहेज नहीं महसूस करती है । अच्छा हो कि डिजिटल मार्केटिंग और पेमेंट ज्यादा करें । 

सबसे ज्यादा प्रभावी तो मोबाइल ही है 

और उससे भी ज्यादा सबसे खतरनाक चीज है  जो हमारे जीवन में अति आवश्यक अंग बनकर  कल के रूप में हमारे साथ 24 घंटे बिस्तर के सिरहाने से लेकर के हमारे लिए पर्स और हाथों से गुजरती रहती है क्या हमने कभी  देखा है कि इस खोल चढ़ा कर रखे गए मोबाइल के ऊपर ना जाने कितने प्रकार के कीटाणु  और बेक्टीरिया  ऊधम मचाते रहते हैं साथ ही साथ अगर आप इनके कवर हटाकर देखेंगे तो मोबाइल के पीछे तरफ और उसकी पूरी साइड साइड के सभी तरफ इतने जीवाणु विषाणु कीटाणु के रूप में उपलब्ध हो सकते हैं । या बेक्टीरिया  के रूप में विद्यमान रह सकते हैं जिनसे हमें बहुत सावधान भी रहना होगा  यदि हम अपने मोबाइल को टिशू पेपर या एक गीले हल्के मुलायम सूती के कपड़े से पूछें और साथ ही साथ उसे कुछ खुली हवा में भी रहने दें या सैनिटाइजर अल्कोहल सैनिटाइजर या स्पीरिट  सेनीटाइजर से उस पर एक बार जरूर साफ करने के लिए प्रयास करें , या फिर मोबाइल से लंबी विडिओ देखें जिससे कि वह गरम  होकर अपने आप सेनेटायस हो जाए ।  जिससे इस प्रकार के खतरनाक वायरस का हमारे जीवन में आना संभव ना हो सके। 
समान्य सावधानी तो अपनाना ही है 
कोरोना वायरस दुनिया मे तेजी से फैल रहा है और भारत मे भी इस बीमारी ने पाँव पसारने शरू कर दिए है। भारत मे अभी मौत का आंकड़ा सिर्फ  इकाई अंक पर है है पर भारत एक विशाल और विकाश शील  देश है। जहाँ छोटी सी चिंगारी एक बड़ा विस्फोट कर सकती है। कोरोना वायरस सभी आयु वर्गों को प्रभावित करता है ।  बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। बच्चों के साथ  साथ बड़े बुजुर्ग भी  जल्द ही किसी भी बीमारी से संक्रमित हो जाते है। उनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। जरूरत ना हो तो घर से बाहर ना निकले। भीड़ वाले इलाके में ना जाएं, हो सके तो घर पर ही ज्यादा से ज्यादा समय बिताए। हाथों में ग्लब्स पहने, छीकते समय मुँह को ढके, और यदि रूमाल , मास्क या अतिरिक्त कपड़े ना हो तो आपने  फूल आस्तीन के कपड़ो का सहारा ले कर छींक को फैलाने  से रोके।  समय समय और साबुन या अल्कोहल सेनेटाइजर से हाथों को धो कर साफ रखें।रोज ताजे फ़ल का सेवन करें । नानवेज का उपयोग बंद करें । हल्का पुल्का व्यायाम योग आदि जरूर करते रहे ।