महामारी कोविड-19 को लेकर राहत की खबर, नोबेल विजेता का दावा- अंतिम चरण में कोरोना

नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट (Michael Levitt) ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग ने दुनिया को एक बूस्टर शॉट दिया है. इसलिए कोरोना वायरस (Coronavirus) अब अंतिम चरण में है.

महामारी कोविड-19 को लेकर राहत की खबर, नोबेल विजेता का दावा- अंतिम चरण में कोरोना
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t4unews :नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से दुनिया भर में दहशत का महौल है. दुनिया की एक तिहाई से ज्यादा आबादी घरों में रहने को मजबूर है. इसके खात्मे को लेकर अभी तक कोई भी देश इलाज नहीं ढूंढ सका है. लेकिन इस बीच एक राहत की खबर सामने आई है. चीन (China) में महामारी को लेकर सटीक भविष्यवाणी करने वाले नोबेल विजेता ने दावा किया है कि कोरोना वायरस अब अंतिम चरण में है।  यह बड़ी  राहत की खबर हो सकती है दुनियाँ का लिऐ  पर एक संदेह को बाबी जन्म देता है कि कैसे इन लोंगो को यह स्क्रिप्ट मालूम है ?

आश्चर्य ..कैसे पता चला इन्हे ...जाने

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के बायोफिजिसिस्ट और नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल लेविट (Michael Levitt) ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग ने दुनिया को एक बूस्टर शॉट दिया है जिसे पूरी दुनिया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रही है।  जो इस महामारी से लड़ने के लिए जरूरी था।  इसलिए कोरोना वायरस का कहर अब जल्द खत्म हो जाएगा।  पर आज कि दिल्ली  इंडिया कि सीन देख कर चिंता बहुत हो रही है कि अभी तक प्रति 10000 व्यक्ति एक डॉक्टर और प्रति 5000 के पीछे एक पुलिस का संसाधन रखने वाला भारत देश इस आपदा से कैसे  निपट सकेगा यदि स्टेज 3 का आक्रमण होने लगेगा ? 

चीन में  आरंभ होने वाली इस महामारी की थी भविष्यवाणी

साल 2003 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले माइकल लेविट ने इससे पहले चीन में महामारी के बारे में भविष्यवाणी की थी।  माइकल ने कहा था कि चीन में यह महामारी विनाशकारी प्रकोप लेकर आएगी। जिसमें सवा तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत होगी। माइकल के बाद अन्य एक्सपर्ट्स ने भी ऐसी भविष्यवाणी की थी।  मरने  वालों के आकड़ों तक कि सटीक भविष्यवाणी करने वाले इन महानुभावों के क्रियाकलाप पर अब शक होने लगता है कि इन्हे तो वैज्ञानिक कम भविष्य वक्ता ज्यादा होना था नास्त्रेदमस  कि तरह ।

आखिरी चरण में कोरोना वायरस होगा :नोबेल विजेता माइकल लेविट ने 'द लॉस एंजिल्स टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमें कोविड-19 के बढ़ते खतरनाक प्रकोप को रोकने के लिए जो करना चाहिए, वो हम कर रहे हैं।  आगे ये कहते है कि अब हम सब ठीक होने जा रहे हैं। माइकल ने कहा कि परिस्थिति उतनी भयावह नहीं है, जितना डराया जा रहा है।  भले कोरोना के मामले बढ़ रहे हों, लेकिन धीमी वृद्धि के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।  तो भारत के डॉक्टर विश्वबन्धु राय का यू ट्यूब या सोशल मीडिया पर दिया विडिओ कोई आश्चर्य का विषय नही होगा ।

दुनिया भर में 2,58,068 केस: अभी तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंकड़े और विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या दो लाख 58 हजार 68 है जिसमें 14,840 मृतकों की संख्या भी शामिल है. इटली में संक्रमण के 74,986 मामले हैं और स्पेन में 57,188 मामले हैं।
क्या चीन के 'डर' से WHO ने छुपाए कोरोना के केस, अब दुनिया झेल रही नतीजा ? यूरोप और अमेरिका में कोरोना की तबाही के बाद WHO पर आरोप लग रहे हैं कि चीन से संबंध अच्छे बने रहें इसके लिए संस्था ने वुहान में आए संक्रमण के हजारों केसों के बावजूद कोरोना को ग्लोबल पेनडेमी घोषित करने में काफी वक़्त लगा दिया।

मौत का अनुमान भी सही निकला
माइकेल लेविट ने अपनी पहले भविष्यवाणी में ही चीन में कोरोना संक्रमित और उससे होने वाली मौता का आंकड़ा कैसे बता दिया था चिंतन का विषय है ।  उन्होंने चीन में 3250 मौत का अनुमान लगाया था. वहीं, कुल 80,000 लोगों तक इसके फैलने का अनुमान था. वहीं, दुनियाभर के एक्सपर्ट्स का मानना था कि यह संख्या लाखों में जा सकती है. अब तक चीन में 3287 मौत हो चुकी हैं और 81285 मामले सामने आए हैं।

अमेरिका भी जल्द पार पा लेगा
माइकेल लेविट अब दूसरे देशों के लिए भी चीन वाले ट्रेंड को ही फोलो कर रहे हैं. लेविट का दावा है कि अमेरिका भी जल्द कोरोना संक्रमण से उबर जाएगा. हालांकि, आशंका लगाई गई कि अमेरिका को उबरने में काफी समय लग सकता है। हालाकि  रोजाना आ रहे नए मामलों को देखते हुए माइकेल का दावा है कि ज्यादातर देशों में रिकवरी आने के संकेत हैं।  चीन और दक्षिण कोरिया में नए मामलों की संख्या लगातार गिरी है। हालांकि, दूसरे देशों में आंकड़ा अभी भी परेशान करने वाला है, लेकिन इसमें बहुत ज्यादा तेजी नहीं आएगी।  वैज्ञानिक का यह भी मानना है कि कई देशों में आधिकारिक आंकड़ा कम टेस्टिंग की वजह से नहीं आ रहा है। हालांकि, उनका दावा है कि मौजूदा आंकड़ों के आधार पर आगे संख्या में गिरावट ही देखने को मिलेगी।  

सोशल डिस्टेंसिंग ही सही इलाज
माइकेल लेविट के मुताबिक, सोशल डिस्टेंसिंग सबसे जरूरी है।  उनका मानना है कि बड़ी संख्या में लोगों का एक जगह इकठ्ठा होना खतरनाक है।  माइकेल के मुताबिक, ये वायरस नया है, दुनिया की ज्यादातर आबादी के पास इससे लड़ने की शक्ति (इम्युनिटी) नहीं है।  कोरोना वायरस की दवा बनने में भी अभी समय लगेगा। शुरुआती पहचान जरूरी है. टेस्टिंग के लिए बॉडी टेंपरेटर सर्विलांस भी जरूरी है। चीन ने यही फॉर्मूला लागू किया था ।  फिलहाल सोशल आइसोलेशन से ही इससे निपटा जा सकता है। जिसे भारत भी अपना रहा है ।