लुधियाना कि क्षति दो अफसरों को खोने कि ..लोगों को घर में ही रहने कि अपील , रहिए, सचेत, सजग और सावधान

लुधियाना कि क्षति दो अफसरों को  खोने कि ..लोगों को घर में ही   रहने कि अपील , रहिए, सचेत, सजग और सावधान

t4unews :लुधियाना. कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते पूरे विश्व में हजारों जाने जा चुकी हैं और लाखों संक्रमित है । यह वायरस इतना खतरनाक है कि लगातार लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। फिर भी लोग घर से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। आम आदमी के साथ ही इनकी सुरक्षा में लगे कोरोना वॉरियर्स भी अपनी जान गंवा रहे हैं। लुधियाना के अच्छे  2 अफसरों ने भी इस संक्रमण से अपनी जान गवाई है।

कोहली देश के पहले पुलिस अफसर, जिसे कोरोना मा पछाड़ दिया

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एसीपी नार्थ अनिल कोहली शहीद हो गए। 13 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और वह एसपीएस अस्पताल में भर्ती थे। शनिवार दोपहर उनका निधन हो गया। इसके बाद सोशल डिस्तेण्सिण्ग के साथ ढोलेवाल स्थित श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कोहली पंजाब सहित देश के संभवत: पहले पुलिस अफसर हैं, जिनकी कोरोना से मौत हुई। लॉकडाउन में ड्यूटी के दौरान उनकी तबियत बिगड़ी थी। वहीं, लुधियाना अब तक दो अफसर खो चुका है जो अपूरणीय क्षति है ।  शुक्रवार को कोरोना संक्रमित कानूनगो गुरमेल सिंह की मौत हुई थी।

पोलियो और आतंकवाद जैसे कोरोना खत्म करना है

एसीपी के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने एक वीडियो जारी किया। कहा, ‘अफसोस है कि हमारे एक ईमानदार ऑफिसर कोरोना की जंग में शहीद हो गए हैं। उन्होंने अपनी ड्यूटी तहेदिल से की। हमारा पूरा डिपार्टमेंट इस शहीदी को नमन करता है। अब हमें ड्यूटी और भी ज्यादा सख्ती से करनी है और इससे जीतना है। लेकिन हमें ड्यूटी के दौरान अब सेफ्टी का पूरा ध्यान रखना है। मास्क और ग्लब्ज पहने, इसके साथ ही हाथों को धोते रहें। हमें सोशल डिस्टेंस को मेनटेन रखना है। पंजाब पुलिस ने आतंकवाद का खात्मा जिस दिलेरी से किया, अब इसी तरह से कोरोना का खात्मा करना है।’

हर वो व्यक्ति जो 15-20 दिनों के अंदर शहीदो के संपर्क में आया, जांच को खुद आगे आए
कोरोना के विरुद्ध युद्ध में एक कर्तव्यपरायण पुलिस अफसर शहीद हो गए। एसीपी कोहली की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी। संकट की इस घड़ी और लॉकडाउन में वह तो लगातार ड्यूटी कर रहे थे। देश-समाज की सेवा में डटे हुए थे। उन्हें संक्रमित किया हमारे बीच में से ही किसी लापरवाह ने। इस लापरवाही ने कोरोना के जानलेवा खतरों को बहुत हल्के में लिया और लक्ष्मण रेखा लांघी। उस एक अकेले अंजान लापरवाह ने देखिए, कैसे पूरे शहर और कई महकमों के अफसरों-मुलाजिमों के लिए कितना बड़ा खतरा पैदा कर दिया। क्या हम अब भी नहीं संभलेंगे! दरवाजे पर दस्तक दे रही महामारी को क्या अब भी कम समझेंगे? आज हम सभी को संकल्प लेना होगा कि अब ऐसी घातक लापरवाही कोई नहीं करेगा।

हद दर्जे तक संयम बरतना होगा। इसलिए, अपने कदम रोकें, घर में ही रहें और संक्रमण रोकने के नियमों का पालन करें। ताकि हम सब मिलकर संक्रमण की इस चेन को यहीं तोड़ सकें। यह तभी संभव है जब हर वो व्यक्ति जो पिछले 15-20 दिनों में एसीपी के संपर्क में आया, खुद से आगे आए और अपनी जांच कराए। भले ही वह स्वस्थ ही क्यों न हो? इसमें डरने या छुपाने वाली कोई बात नहीं है। टेस्ट कराएंगे तो आप खुद भी संक्रमण से बचेंगे, अपने परिवार को और अन्य कई दूसरे लोगों को भी बचाएंगे। एक जांबाज पुलिस अफसर को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। लुधियाना के जिम्मेदार निवासियों! अपने कदम रोकिए, घरों में रहिए और नियमों का पालन कीजिए ताकि कोरोना के संक्रमण की चेन तोड़ी जा सके, कोरोना को हराया जा सके...।
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल के संबोधन  को लोग श्रद्धा से सोशल डिस्तेण्सिण्ग रखते हुये सुनते रहे  ।