लॉकडाउन में बिजली की शिकायतों में आई 40 फीसदी कमी

लॉकडाउन में बिजली की शिकायतों में आई 40 फीसदी कमी

t4unews :जबलपुर, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी को इस माह इंदौर शहर से अपेक्षाकृत कम शिकायतें मिली हैं। अप्रैल 2019 और अप्रैल 2020 के 25 दिनों की तुलना में इस वर्ष 40 फीसदी शिकायतें कम मिली है। इस तरह, इंदौर शहर के उपभोक्ताओं को लॉकडाउन में अपेक्षाकृत बेहतर विद्युत सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।

मप्रपक्षेविविकं इंदौर के शहर अधीक्षण यंत्री ने बताया कि लॉकडाउन में शहर के 30 जोन पर करीब 450 कर्मचारी एवं 70 इंजीनियर सेवाएँ दे रहे हैं। आपूर्ति संबंधित सभी जरूरी कार्य समय पर किए गए हैं। इस कारण शिकायतें अपेक्षाकृत कम प्राप्त हो रही है।  अधीक्षण यंत्री के अनुसार गत वर्ष अप्रैल के 25 दिनों में 25 हजार शिकायतें मिली थी। इस वर्ष 16 हजार 300 शिकायतें ही मिली है। कोरोना संक्रमित इलाके के बिजली जोन सुभाष चौक, सिरपुर, डेली कॉलेज, ओपीएच ईस्ट, ओपीएच साउथ, जीपीएच की शिकायतें भी कम हैं। इस तरह लॉकडाउन, कर्फ्यू में शहर में बिजली व्यवस्थाएँ सुचारू चल रही हैं। प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल के निर्देश पर प्रत्येक जोन की आपूर्ति संबंधी समीक्षा की जा रही है। वर्तमान में मांग के अनुरूप प्रतिदिन 71 लाख यूनिट की आपूर्ति हो रही हैं।

इंदौर जोन की विद्युत की व्यवधान  के बारे में जानकर बहुत आश्चर्य होता है कि कोरोना काल में जब सभी लोग अंडरग्राउंड याने कि अपने घर के अंदर ही हैं और पूरे बिजली के संसाधनों का उपयोग अपने  जीवन के लिए भरपूर तरीकों से कर रहे है । हर कमरे में बिजली के बल्ब का जलना , पंखों का चलना और बिजली के  सतत बना रहना आश्चर्य का विषय है । जीवन के सभी काम से संबंधित है बिजली और जीने के लिऐ बिजली का उपयोग होना ही जीवन का पर्याय बन चुका है ।  ऐसे  समय  बिजली की चीजों में बहुत ही कम फाल्ट का आना और बिजली के शिकायतों का भी बहुत कम आना एक आश्चर्य का विषय है । 
संभवतः इसके कुछ कारण यह हो सकते हैं जैसे कि 
1-सभी फेस  में बैलेंस लोड कर चलना सभी  लाइट लोड शायद ट्रांसफार्मर पर बैलेंस लोड की तरह बांट दिए गए हो जिसके कारण कि ट्रांसफार्मर का नियंत्रित तरीके से चलना और बिजली का कोई भी फाल्ट नहीं आ पाना 
2-दूसरा कारण हो सकता है कि अभी सीजन में इस प्रकार के उतार-चढ़ाव वाले हवा तूफान चक्रवाती तूफान और तेज बारिश फूलों का प्रकोप संभवत अभी प्रदेश में या हमारे देश में शुरू ही नहीं हुआ है इस कारण भी इस प्रकार की कम से कम शिकायतों का आना संभव हो पाया है  ।
3- किंवदंती ही सही पर शायद दिग्गी सरकार का बदल जाना भी हास्यास्पद किन्तु रोचक पहलू हो सकता है । 
  इसका सभी उपभोक्ताओ को  विभाग को धन्यवाद ज्ञापित करना  चाहिऐ । मुख्य पॉइंट यह भी है कि अथक कार्य करते हुए दिन रात परिश्रम और मेंटेनेंस का काम करते हुए सभी कर्मचारियों ने अपने सिस्टम को इतना सुचारु रुप से इतना सुंदर बना लिया है कि वह कम से कम फाल्ट लाते हुए अपने उपभोक्ताओं को पूरे मनोयोग से बिजली का सप्लाई प्रदान कर रहे हैं निश्चित ही विद्युत विभाग  धन्यवाद के पात्र हैं  ।कोरोना योद्धाओ को इस  काल के बीतने के बाद मेंटेनेंस हेतु यदि विधिवत समय नहीं मिला और गर्मी के समय ऐसे ही निकल गया तो इसके बाद के परिणाम प्रथम बारिश या तूफान के आने के बाद कि स्थिति  बहुत गंभीर होंगे जिसमें लोगों को लोड सेटिंग,  ब्रेकडाउन या अचानक आने जाने का बिजली का जो आंख मिचोली  क्रम  होता है उसे झेलना भी  पड़ सकता है। ऐसे समय इन खुशनुमा दिनों को याद करके अपने आक्रोश को विभाग पर कम उतारने  कि उम्मीद मैदानी अमला जरूर करेगा ।  इसलिए हम उम्मीद करें कि  लॉक डाउन के बाद ज्यादा से ज्यादा समय लाइन  मेंटेनेंस के लिए भी कर्मचारियों को मिल सके ताकि बिजली की सुचारु रुप से व्यवस्था बनाए रखने के लिए और इस प्रकार शिकायतों में एक 40% की कमी लाने का जो क्रम है वह बरकरार रहे ।  यही उपलब्धि विभाग और कर्मचारियो को  धन्यवाद और इनाम का पात्र बनाएगा  ।