कोरोना से संघर्ष करते एसीपी ,अनिल कोहली ने ली अंतिम सांसे , पंजाब में मृतकों की संख्या हुई 16

कोरोना से संघर्ष करते एसीपी ,अनिल कोहली ने ली अंतिम सांसे , पंजाब में मृतकों की संख्या हुई 16
ए सी पी स्वर्गीय अनिल कोहली

t4unews :ब्रेकिंग न्यूज़ लुधियाना , कोरोना वायरस के शिकार हुए लुधियाना उत्तरी के ए.सी.पी. अनिल कोहली का शनिवार को दुःखद  निधन हो गया, जिसकी पुष्टि सिविल सर्जन राजेश बग्गा ने की है। दरअसल ए.सी.पी. पिछले काफ़ी दिनों से बीमार चल रहे थे, जिस कारण उन्हें लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों मुताबिक पिछले कुछ समय से ए.सी.पी. की सेहत काफ़ी ख़राब चल रही थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिनकी शनिवार को मौत हो गई।

ज्ञात हो  कि ए. सी. पी. की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद उनकी पत्नी और उनके साथ काम करने वाले एस.एच.ओ. और एक गन मैन की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आ चुकी है। इसके अलावा ए. सी. पी. के संपर्क में आने वाले कई पुलिस मुलाजिमों और अन्य लोगों को भी को भी होम क्वारंटाइन किया जा चुका है। जिनमें एस.एच. ओ. अशप्रीत ग्रेवाल, बस्ती जोधेवाल, कमलजीत सिंह, स्लैम टाबरी और थाना दरेसी से एस.एच. ओ. विजय कुमार शामिल हैं।

अवलोकन करें पंजाब में अब तक हुई मौतों पर

पहली मौत: सबसे पहले 18 मार्च को नवांशहर के गांव पठलावा के बुज़ुर्ग की मौत हुई, जो गत दिवस जर्मनी से इटली होता हुआ पंजाब लौटा था।
दूसरी मौत: 29 मार्च को नवांशहर के पाठक बलदेव सिंह के संपर्क में आने वाले होशियारपुर के हरभजन सिंह की मौत हुई, जो अमृतसर के अस्पताल में दाख़िल था।
तीसरी मौत: 30 मार्च को लुधियाना की 42 वर्षीय महिला पूजा ने पटियाला के राजिन्दरा अस्पताल में दम तोड़ दिया।
चौथी मौत: 31 मार्च को चंडीगढ़ के पी.जी.आई. में भर्ती मोहाली के 65 वर्षीय बुज़ुर्ग की चौथी मौत हुई थी।
पांचवी  मौत: 3 अप्रैल को 5वीं मौत अमृतसर के पूर्व रागी भाई निर्मल सिंह खालसा की हुई, जिन्होंने अमृतसर के श्री गुरु नानक देव अस्पताल में दम तोड़ा।
छटी मौत: कोरोना के साथ छटी मौत 5 अप्रैल को लुधियाना में 70 साल के करीब महिला की हुई। उसे 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 2 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।
सातवीं मौत: पठानकोट जिले में पहला पॉजीटिव केस 75 वर्षीय महिला का आया, जिसे 1 अप्रैल को पठानकोट से अमृतसर रैफर किया गया था। 4 अप्रैल को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई, जिसकी मौत हो गई थी।
आठवीं मौत: 6 अप्रैल को अमृतसर के नगर निगम से रिटायर हो चुके 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। हालांकि पहले उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। 5 अप्रैल को दोबारा भर्ती किए जाने पर उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी।
नवीं मौत: 8 अप्रैल को पी.जी.आई. में भर्ती रोपड़ के 55 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी। गांव चतामली के उक्त व्यक्ति को शुगर के कारण 2 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।
दसवीं मौत: 9 अप्रैल को जालंधर में कांग्रेसी नेता के 59 वर्षीय पिता ने इलाज दौरान दम तोड़ दिया। गत बुद्धवार शाम को ही उनके कोरोना पॉजीटिव होने का पता लगा था, जिसके बाद वह सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड में वेंटिलेटर पर थे।
ग्यारहवीं मौत: इसके साथ ही 9 अप्रैल को बरनाला की रहने वाली महिला की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई। इस महिला ने लुधियाना के अस्पातल में दम तोड़ा था।
बारहवीं मौत: खरड़ की 74 वर्षीय महिला की 8अप्रैल को मौत हो गई थी लेकिन उसकी रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजीटिव आई है। पहले उक्त महिला का कोरोना टैस्ट नेगेटिव बता कर उसे अस्पताल से घर भेज दिया गया था। 8अप्रैल को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद टैस्ट जांच के लिए भेजे गए थे जिसमें वह पॉजीटिव पाई गई थी।
तेरहवीं मौत: गांव कोटला हेरा जालंधर की एक महिला की मामूली बीमारी के कारण मौत हो गई थी लेकिन बाद में उसकी कोरोना  रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी।
चौदहवीं मौत: गुरदासपुर जिले में गांव भैनी के पासवाल के रहने वाले पहले कोरोना पीड़ित व्यक्ति ने अमृतसर के सरकारी अस्पताल में 16 अप्रैल को दम तोड़ दिया था।
पंद्रहवीं मौत: लुधियाना जिले के पायल में रहने वाले 58 वर्षीय कानूगो गुरमेल सिंह की कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी, जिसके बाद उसने अस्पताल में 17 अप्रैल को दम तोड़ दिया। हैरान करने वाली बात यह थी कि गुरमेल सिंह की कोई ट्रैवल हिस्ट्री सामने नहीं आई थी।
कारवां  गुजर गया ग़ुबार  देखते रहे .....
     एहतियात बरतने के सिवा इसका कोई उपाय नहीं ....