आपदा प्रबंधन के लिए भविष्य में मेन्स और लेडीज पार्लर प्रकार कि चीजों को सीखे घर घर

think4unitynews ने 28 अप्रेल को यह न्यूज़ आर्टिकल बनाया था । जिस पर आज सोशल डिस्टेंसिंग के तहत जबलपुर कलेक्टर मैडम के द्बारा एक बानगी पेश की गई है जो धीरे धीरे अब समाज में जरूर अमल में लाई जाएगी ।

आपदा प्रबंधन के लिए भविष्य में मेन्स  और लेडीज पार्लर प्रकार कि चीजों को सीखे घर घर

t4unews:प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हम स्वयं को नये नये  काम के लिऐ  प्रशिक्षित करना शुरू कर दें तो वह भी इस आपदा प्रबंधन  कड़ी में एक बहुत बड़ा सहयोग होगा।  यूं तो महिलाओं और पुरुषों के प्रसाधन के लिए कई प्रकार के सेलून  और ब्यूटी पार्लर  गली गली खुले हुए हैं।  जिसको हम हफ्तों महीनों में जाकर अपना मसाज , बाल,  दाढ़ी  कटवाने में उपयोग कर ही लेते हैं  और इस प्रकार की बेहुदी कोरोना जैसी छूत कि  आपदा आने का कभी सपने में भी गुमान नहीं था कि,  क्या ऐसा क्षण भी आएगा कि हम लोग छुआछूत और लोगों को  वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ साथ दो-दो गज की दूरी भी बनाते हुए काम  करना पड़ेगा । अब आप सोचिए कि 2 गज की दूरी बनाकर लोग कैसे सर्विस  दे पाएंगे ? ना ही  2 गज की दूरी से हमारी बालो कि,  बाजू कि कटिंग हो  पाएगी , ना ही  सब्जीवाला कैसे 2 गज की दूरी से हम को सब्जी दे पाएगा?  इसी प्रकार अन्य प्रकार की और भी सर्विसेज जो भी मानव समाज के लिऐ उपयोगी होती है उसे कैसे कर सकेंगे ?

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जैसे 2 गज की दूरी बनाने करने के लिए केरल में छाते  और मास्क सरकार बाट  रही है वैसे ही  हमें कुछ ना कुछ तो उपाय बनाने ही करने पड़ेंगे।  जैसे कि एक स्पेशल प्रकार का क्या चीज ....जी हाँ स्पेशल प्रकार का एक्सटेंशन टेलीस्कोपी  सेल्फी राड   वगैरह वगैरह ... अलबत्ता  हम  आज  जिस विषय पर चर्चा करना चाहते  है वह है सैलून  .. 

सैलून यानी प्रत्येक आदमी अपने शरीर की अवांछित बाल और वांछित प्रकार की  मालिश मसाज आदि चीजों को करवाने , करने के लिए कई कई प्रकार के उपकरण,  लोशन से,  इत्यादि का आविष्कार तो कर चुका है परंतु फिर भी इस आवश्यक कार्य को पूर्ण करने के लिए लोग पार्लर और सैलून बार  में जाना पसंद जरूर करते हैं । यदि हम इन चीजों के बारे में सोंचे कि  अब हर घर से प्रत्येक मानव या महिलाओं को अपने घर में शेविंग , मालिश मसाज ,  कटिंग , बाल कटिंग करने का एक ट्रेनिंग पहले से ले  करके रखे होते तो आज कम से कम इस प्रकार की आपदा जिसमें हर घर में पुरुषों बच्चे लोगों के बाल ऋषि मुनि जैसे या कैदियों के जैसे बढ़ते जा रहे हैं उससे मुक्ति पाई जा सकती थी ।  हमें आपदा प्रबंधन के लिए भविष्य में इस प्रकार की चीजों से लड़ने जूझने और लोगों को परिस्थिति संभालने के लिए अब सैलून पार्लर का कोर्स प्रत्येक घर में करना अनिवार्य कर ही देना चाहिए।  क्योंकि इसके पीछे कई कारण हैं सैलून वाले नहीं चाहते हुए भी अपने टावेल अपने क्रीम अपने ब्रश अपने ब्लेड अपनी कैची वगैरह किसी एक व्यक्ति विशेष के लिए सुरक्षित नहीं रख पाते।  जिस प्रकार एड्स का प्रादुर्भाव होने के बाद लोग निडिल शिरिन्ज   इत्यादि को व्यक्तिगत रूप से उपयोग करने के बाद डिस्पोजल कर देते थे।  वैसे ही प्रत्येक सलून में टॉवल , साबुन,  ब्रश या किसी प्रकार की चीजों को प्रत्येक व्यक्ति विशेष के लिए तो नहीं रख पाते  है सेलून वाले । यह सेलून पार्लर सिल्की बाल मोटे बाल  कि कटिंग सेटिंग   और  बाल और भी यत्र तंत्र जगह  गिरते हुये कपड़े ,  नेप्किन कवर  के बाल को काटने  सेविंग के बाद बिना स्टरलाइज की हुए दूसरों के ऊपर भी प्रयोग किए जाते हैं या एक ही प्रकार के पानी की सावर से सभी लोगों को उपयोग करके  चंपी करना क्रीम मालिश  इत्यादि लगाने का जो संक्रमण  होता है यह एक हाइजीनिक पद्धति नहीं है ।  बहुत पहले गांव में पेटी  लेकर घरौघर  जाकर के लोगों को अर्बन क्लैप की भांति  घर पर  सर्विस दिया जाता  था । अब वही स्थिति नगर में लॉक डाउन के बाद पार्लर बंद होने से हो  चुकी है और अब लोग सीधे सैलून पार्लर में जाकर की ही इस गंदगी वाले काम को  घर पर ही पूरा कर लेना अच्छा समझते हैं । फिर वहां से आने के बाद नहा धोकर कपड़े बदलकर के या और भी कई प्रकार की सावधानियां अपना करके स्वयं को सुरक्षित रखते रहे है इसलिए काश इन सब चीजों से निपटने के लिए भविष्य में हर घर घर में हर व्यक्ति विशेष महिला विशेष को इस प्रकार के  केश विन्यास , हेयर कटिंग सैलून का कोर्स करना अनिवार्य हो जाए और लोग भविष्य में इसे से समझना सीखना शुरू करते जाएं तो गंदगी का बाहर से घर पर आना या मुफ्त में प्रदूषित हो करके संक्रमित होने तथा  लोगों को बीमार बनाने से  मुक्ति पाई जा सकती है । तात्पर्य यह है कि अभी तक सेलून का  काम  खास विशेष सेन समाज याने की नाई समाज के ऊपर ही आश्रित था , प्रतिबंधित था । पर पैसिणेटेड  और इस क्षेत्र मे करीएर  बनाने वाले लोग  कई लोग इस कार्य को पार्लर ग्रुप में अपने फैशन और प्रोफेशन के रूप में जो अपना तन मन धन  निवेश कर चुके हैं उन्हे तो कोई रोक नहीं सकता । अब यह समय की मांग आ चुकी है कि हमको प्रत्येक घर में इस प्रकार के औजार  कैची ट्रिमर  कंघी के साथ इस प्रकार के हुनर को सीखना पड़ेगा अमल में लाना ही  पड़ेगा ।