हाईकोर्ट ने कहा- रेप के बाद लंबे समय तक चुप्पी क्यों, संदेह का लाभ आरोपी को मिलेगा

सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की डॉक्टर पत्नी के साथ उनके ड्राइवर द्वारा रेप के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस राजन गुप्ता की बेंच ने मामले में आरोपी मनोज सिंह को दोषमुक्त करने के पठानकोट कोर्ट के...

हाईकोर्ट ने कहा- रेप के बाद लंबे समय तक चुप्पी क्यों, संदेह का लाभ आरोपी को मिलेगा

सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की डॉक्टर पत्नी के साथ उनके ड्राइवर द्वारा रेप के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस राजन गुप्ता की बेंच ने मामले में आरोपी मनोज सिंह को दोषमुक्त करने के पठानकोट कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।

खंडपीठ ने कहा शिकायतकर्ता खुद डॉक्टर है और उसकी पति सेना में उच्च पद पर हैं। दोनों पढ़े लिखे हैं। बावजूद इसके लंबे समय तक चुप्पी साधे रखना आरोप साबित करने में संदेह खड़ा कर रहा है। पठानकोट के सुजानपुर पुलिस थाने इस मामले में 6 मार्च 2015 को एफआईआर दर्ज की गई जबकि शिकायत के मुताबिक घटना 4 मार्च 2014 की है।

शिकायत में कहा गया कि वह गर्भवती थी व डॉक्टर के पास चेकअप के लिए गई थी। डॉक्टर के पास पति का ऑफिशियल ड्राइवर आरोपी मनोज ही लेकर गया था। वापस घर लौटकर मनोज ने उससे रेप किया। घटना से वह सदमे में थी और पति को कुछ नहीं बताया। जुलाई में बच्ची को जन्म दिया। 26 जनवरी 2015 को रेप की घटना बताई थी।
पठानकोट कोर्ट ने पहले ही दोषमुक्त कर दिया था

6 मार्च 2015 को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पठानकोट कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते दोषमुक्त कर दिया। फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। इस दौरान सामने आया कि रेप की घटना के बाद भी ड्राइवर शिकायतकर्ता को लेकर आॅफिशियल गाड़ी में चेकअप के लिए ले जाता रहा। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में रेप केस साबित करने में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करने का पठानकोट कोर्ट का फैसला सही है।