लॉकडाउन के कारण इनके परिवारों को कम-से-कम 10 हजार कोरोना रिलीफ दिया जाए

पंजाब खेत मजदूर सभा की प्रदेश कमेटी के आहवान पर जिला इकाई की पंजाब खेत मजदूर सभा द्वारा मजदूरों की मांगों सबंधी डीसी के मार्फत पंजाब के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।सहायक कमिश्नर (ज) दीपजीत कौर को ज्ञापन देने के बाद प्रेस को जिला प्रधान कामरेड...

लॉकडाउन के कारण इनके परिवारों को कम-से-कम 10 हजार कोरोना रिलीफ दिया जाए

पंजाब खेत मजदूर सभा की प्रदेश कमेटी के आहवान पर जिला इकाई की पंजाब खेत मजदूर सभा द्वारा मजदूरों की मांगों सबंधी डीसी के मार्फत पंजाब के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।सहायक कमिश्नर (ज) दीपजीत कौर को ज्ञापन देने के बाद प्रेस को जिला प्रधान कामरेड मुकंद लाल मेहंदी पुर, जिला महासचिव कामरेड राम लाल चक्क गुरू और जिला एटक के कनवीनर कामरेड स्वतंत्र कुमार, उप सचिव बीबी रिंपी बुर्ज ने संयुक्त रुप से बताया कि कोरोना वायरस के प्रभाव के तले लगाए लॉकडाउन व कर्फ्यू के कारण अगर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है तो वह मजदूर वर्ग पर पड़ा है। इससे मनरेगा मजदूर, निर्माणधीन मजदूरों के काम पूरी तरह से बंद हो गए और सरकार द्वारा दी गई मदद इन तक नहीं पहुँची।

कई मजदूरों के के राशन कार्ड तक काटे गए हैं तथा सरकारी राहतों से उनको वंचित होना पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन मजदूरों के परिवारों को 4 महीने का राशन 5 किलो गेहूँ प्रति मैंबर और 3 किलो दाल प्रति परिवार के लिए जल्द मुफ्त में दिया जाए, लॉकडाउन के कारण इनके परिवारों को कम-से-कम 10 हजार रुपए कोरोना रिलीफ दिया जाए। मनरेगा मजदूरों को साल में 200 दिन काम और कम-से-कम 600 रुपए दिहाड़ी दी जाए, धान लगवाने की भी मजदूरी ठीक दी जाए, पंजाब के निर्माण अधीन मजदूरों के रजिस्ट्रेशन कार्ड बनाए जाएं और जनवरी 2017 के बाद बनाए कार्डों को रिव्यू किया जाए। मौके पर बलजिन्दर सिंह, सुखवंत बसरा, रवी बसरा आदि उपस्थित रहे।