महामारी ने भविष्यवक्ताओं की भी मुश्किलें बढ़ाईं, लोग पूछने लगे- क्या आपको इस बेरोजगारी का अंदाजा नहीं था?

2020 की शुरुआत होते-होते भविष्यवक्ता आने वाले समय की संभावनाओं का बढ़-चढ़कर बखान कर रहे थे, लेकिन कोविड संक्रमण ने सब बदल कर रख दिया। किसी ने भी कोरोना संक्रमण के चलते सबकुछ ठप पड़ने का जिक्र नहीं किया था और न ही बेरोजगारी का।सीबीएस न्यूज पर...

महामारी ने भविष्यवक्ताओं की भी मुश्किलें बढ़ाईं, लोग पूछने लगे- क्या आपको इस बेरोजगारी का अंदाजा नहीं था?

2020 की शुरुआत होते-होते भविष्यवक्ता आने वाले समय की संभावनाओं का बढ़-चढ़कर बखान कर रहे थे, लेकिन कोविड संक्रमण ने सब बदल कर रख दिया। किसी ने भी कोरोना संक्रमण के चलते सबकुछ ठप पड़ने का जिक्र नहीं किया था और न ही बेरोजगारी का।

सीबीएस न्यूज पर एस्ट्रोलॉजर सुजैन मिलर ने कहा था कि साल 2020 मकर राशि वालों के लिए उत्तम होगा, कर्क राशि के लोग आसानी से विवाह कर पाएंगे, तुला राशि के लोग जमीन-जायदाद के मामले में अच्छा प्रदर्शन करेंगे वहीं वृषभ राशि के लोग पूरे साल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में व्यस्त रहेंगे।

लेकिन, मार्च आते-आते उनके यूजर्स के आक्रोश का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि वास्तविकता भविष्यवाणी से बिल्कुल विपरीत थी। एस्ट्रोलॉजर चानी निकलस के मुताबिक, ‘वो जानती थीं कि 2020 एक मुश्किल साल साबित होगा। पर ये अनुमान उन्होंने ग्रहों की चाल से नहीं, अमेरिका में चुनावी साल की वजह से लगाया था।’

कुछ भविष्यवक्ताओं ने प्लूटो ग्रह पर आरोप मढ़ दिया

इधर, भविष्यवक्ताओं के फॉलोअर्स जब पूछने लगे कि आप कोविड-19 और बेरोजगारी का अनुमान क्यों नहीं लगा पाए, तो कुछ ने मार्च में कोरोनापर रिपोर्ट जारी कर सारा आरोप प्लूटो ग्रह पर मढ़ दिया, जो ज्योतिष में बड़े वित्तीय, बड़ी जनसंख्या और वायरस संक्रमण से संबंध रखता है।

इटली मिथुन राशि का देश, जिसका ताल्लुक फेफड़ों से है

इस रिपोर्ट के अनुसार, इटली जो मिथुन राशि का देश है और मिथुन का फेफड़ों से गहरा ताल्लुक होता है, इसीलिए कोरोना संक्रमण का इटली पर गहरा प्रभाव पड़ा। अमेरिका के लिए रिपोर्ट में कहा गया है कि ये देश कर्क राशि का है, इसलिए मई में इस वायरस का प्रकोप गहरा रहेगा, गर्मी में ये कमजोर पड़ेगा लेकिन सर्दियों की शुरुआत से बढ़ेगा और दिसंबर मध्य तक इसका प्रभाव देखा जाएगा।

विरोधियों ने कहा- भविष्यवाणी करने वाले भी भविष्य के बारे में नहीं जानते

दूसरी ओर, भविष्यवक्ताओं के विरोधी कहते हैं कि भविष्यवाणियां ऐसे लिखी जाती हैं ताकि हर व्यक्ति को उसके लायक कुछ न कुछ मिले। लेकिन, कोविड का उल्लेख किसी भविष्यवाणी में नहीं था। ऐसा इसलिए है क्योंकि अक्सर भविष्यवक्ता भूत और वर्तमान को देखते हुए भविष्यवाणी करते हैं लेकिन असल में भविष्य में क्या होने वाला है, उन्हें पता ही नहीं होता।

अब यूजर्स के सवाल बदल गए, पूछ रहे हैं-संक्रमण कब खत्म होगा

ट्रेंड एनालिस्टलूसी ग्रीन के मुताबिक, उनकी वेबसाइट पर ट्रैफिक 22% बढ़ा है। लेकिन,यूजर्स के सवाल बदल गए हैं। वे पूछ रहे हैं कोविड कब खत्म होगा, स्थिति सामान्य हो पाएगी? वहीं, मीडिया विश्लेषक कॉमस्कोर ने कुछ चुनिंदा एस्ट्रोलॉजी वेबसाइट के अध्ययन के बाद कहा है कि इन वेबसाइट्स पर फरवरी की तुलना में मार्च में ट्रैफिक बढ़ गया है।



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मीडिया विश्लेषक कॉमस्कोर ने अध्ययन के बाद कहा कि इन वेबसाइट्स पर फरवरी की तुलना में मार्च में ट्रैफिक बढ़ गया है।